भाग्य में अभाग्य और अभाग्य में अच्छा भाग्य छुपा है
एक सच है दुश्मन का अभाग्य ,उसकी हार
पर हमसा दुश्मन भी किस्मत वालोँ को मिलता है।।।।
अनगिनत हैं जिसके नाम , कहते है जिसको श्री राम
वो भी कहाँ देख पाया अपने बच्चों का बचपन
गुम हो गई रामायण में यह दास्तान
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